आज जो में आपको हवन की विधी बताने जा रहा हूं वह एकदम सरल है
जिसे आप खुद अपने घर पर कर सकते हैं वो भी बिना किसी दिक्कत के
सबसे पहले जरूरी सभी सामग्री एक जगह इकट्ठा कर लें , हवन कुंड को रोली, हल्दी से सजा लें
अब पहले पवित्रीकरण करें फिर आचमन करें उसके बाद सभी के रोली से टिका करके कलावा बांधे
अब अग्नि देव के नाम से दीपक जलाएं
फिर कुंड में आम की लकड़ियां लगा लें और हाथ मे चावल और पुष्प लेकर कुंड में अग्निदेव को स्थान देते हुए छोड़ दें
फिर कपूर की सहायता से दीपक से अग्नि जलाए ,अग्नि जलने के बाद
सबसे पहले गुरू मंत्र की तीन , पांच, सात या ग्यारह आहुति दें घी से
फिर नीचे लिखे क्रम से सभी की तीन तीन आहुति दें
ॐ सिद्धि बुद्धि सहिताय श्रीमन महा गणाधिपतये नमः स्वाहा
ॐ श्री अग्नि देवतभ्यो नमः स्वाहा
ॐ श्री इष्ट दैवतायै नमः स्वाहा
ॐ श्री कुल दैवतायै नमः स्वाहा
ॐ सर्वभ्यो पित्रभ्यो नमः स्वाहा
ॐ ग्राम देवतभ्यो नमः स्वाहा
ॐ स्थान देवतभ्यो नमः स्वाहा
ॐ सर्वभ्यो लोकपालभ्योनमः स्वाहा
ॐ सर्वभ्यो दिक्पालभ्यो नमः स्वाहा
ॐ नव ग्रहाये मंडलाय स्वाहा
ॐ श्री शची पुरन्धरभ्यो नमः स्वाहा
ॐ श्री लक्ष्मी नारायणभ्यो नमः स्वाहा
ॐ श्री उमा महेश्वरभ्यो नमः स्वाहा
ॐ श्री वाणी हिरण्यगर्भभ्यो नम स्वाहा
ॐ श्री मातृपितृचरण कमलभ्यो नमः स्वाहा
ॐ सर्वभ्यो देवतभ्यो नमः स्वाहा
ॐ सिद्धि बुद्धि सहिताय श्री मन महा गण पतये नमः स्वाहा
इसके बाद अपने पास से कोई भी बंधन मंत्र की आहुति डलवाये
अब आहुतियां पूर्ण होने के बाद मुख्य शक्ति को अग्नि में ही भोग दें
साथ मे अग्नि देव को भोग देते हुए कहें
हे अग्निदेव मेने जो भी जैसे भी जिस शक्ति का भी हवन पूजन आपके माध्यम से किया है
यह सब उनतक पहुचाये ओर मेरा फल मुझे प्रदान करवाने में सहयोग करें
ये भोग स्वीकार
फिर अंत मे एक सूखे गोले मे घी लगाकर थोडा काटकर फिर उसके अन्दर हवन सामग्री भर दें
और उसे वापस कलावे से लपेट कर रखे सभी यजमानों के हाथ से स्पर्श करवाएं ओर मुख्य यजमान से खड़े होकर अग्नि कुंड के आहुति डलवा दें
ये मंत्र पढ़ते हुए
ॐ पूर्ण वेद पूर्ण आहुति पूर्ण आगम अलख सुख श्रीं ह्रीम स्वाहा
सारी बची सामग्री उसी मे होम कर देनी चाहिये और घी भी , अब खडे होकर परिक्रमा लगा लो प्रार्थना कर लो
हो गया हवन बिना किसी दिक्कत के
भैरव वीरेन्द्र रूद्रनाथ अघोरी
वैदिक तंत्र साधना संस्थान
8923400693


परम पूज्य गुरुदेव श्री भैरव वीरेंद्र रुद्रनाथ अघोरी गुरुदेव के श्री चरणों में कोटि कोटि प्रणाम 🙏🙏🙇🏻♂️🙇🏻♂️🙇🏻♂️🙇🏻♂️
ReplyDelete