पंचोपचार पूजन
कुछ साधक पंचोपचार पूजन क्या है इसे समझ ही नही पाते और बिना पूर्ण जानकारी के साधना करने से लाभ भी नही प्राप्त होता तो इसी दुविधा को दूर करने के लिए मैं आप सभी को तंत्र के सर्वाधिक प्रयोग होने वाले पंचोपचार पूजन के बारे में बताने जा रहा हूं ताकि आपकी दिक्कत खत्म हो !
घर, मंदिर, विशेष अनुष्ठान, समय और परिस्थिति के अनुरूप हम छोटी या बड़ी पूजा पद्धति के साथ भगवान की पूजा करते हैं. शास्त्रों में पूजा के कई प्रकार बताए गए हैं. पूजा के लिए मुख्यत: पंचोपचार, दशोपचार और षोडशोपचार इन तीन विधियों का पालन किया जाता है.
लेकिन मैं यहां आपको केवल पंचोपचार और षोडशोपचार पूजन के बारे में बताऊंगा
जिस पूजन में पॉच पदार्थों द्वारा देवता की पूजा की जाती है उसे पंचोपचार पूजन कहते है
1 अगर बत्ती लगाना या धूप जलाना
2 दीपक जलाना
3 चंदन ,या सिन्दूर या इत्र लगाना
4 भोग में मिठाई ,बताशा या पकवान देना
5 जल देना
ये सब देते है तो पंचोपचार पूजन कहलाता है यही सब पूजन में मुख्य होता है
ये प्रत्येक पूजन पाठ जाप साधना में जरूरी है
वेसे इसके साथ देवता का आवाहन ,उसे स्थान देना
पैर धोना ,वस्त्र देना ,फिर ये पंचोपचार पूजन किया जाता है
षोडशोपचार पूजन
सोलह पदार्थों से पूजन करने को षोडशोपचार पूजन कहते है
इसमें देव को बुलाना ,आसन देना ,पैर धोना ,या नहलाना ,वस्त्र देना , चंदन देना ,सिन्दूर , धूप ,दीप ,पुष्प चढाना ,फल ,नैवेध,जल ,ताम्बूल , प्रार्थना , विसर्जन आदि ये सब करते है
लेकिन सबसे मुख्य वही पंचोपचार पूजन किया जाता है
भैरव वीरेन्द्र रूद्रनाथ अघोरी
वैदिक तंत्र साधना संस्थान
8923400693

No comments:
Post a Comment