Tuesday, September 26, 2023

सूतक/ पातक के नियमित दिन/ Sutak Patak ke Din


सूतक/ पातक के नियम व दिन

हमारे यहॉ यदि किसी की मृत्यु होती है तो उस समय सबसे बडा सवाल ये होता है 

कि सूतको मे पूजा पाठ किया जाये या नही तो आज इसके बारे में मै विस्तार से बताता हू


परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु होने पर मरण सूतक लगता है

इसमें पूरे 13 दिन तक कोई भी किसी तरह का पूजा पाठ नही किया जाता है

परिवार का सदस्य यदि कही बाहर है चाहे हजारो किलोमीटर दूर रहता हू तब भी परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु होने पर उसे 13 दिन तक पूजा पाठ बन्द करनी होगी


परिवार मे किसी के यहॉ किसी बच्चे के जन्म लेने पर जनन या जन्म सूतक लगता है

ये तब तक माना जाता है जब तक बच्चे का नामकरण नही हो जाता या ब्राह्मण भोजन नही हो जाता

यदि बच्चे को मूल आयी है तो जब तक बच्चे की मूल शान्ति नही होती नामकरण नही होता तब तक सूतक माना जाता है

तब तक पूजा पाठ बन्द रखा जाता है


बेटी के यहॉ के सूतक मॉ पिता को एक दिन का लगता है केवल

गर्भपात होने पर एक दिन का  सूतक लगता है

बच्चे के जन्म लेने के कुछ दिन बाद बच्चे की मृत्यु होने पर जितने माह का बच्चा होता है उतने दिन सूतक लगते है


एक साल के बच्चे की मृत्यु पर पूरे 13 दिन सूतक माना जाता है


सूतक काल मे कोई भी साधना सुरू नही की जाती

यदि पहले से कोई साधना करते आ रहे है तो यदि वो रेगुलर रखना चाहते है या रख सकते है

मृत्यु किसी खास की नही हुयी है तो साधना रेगुलर रखी जा सकती है

पहले से सुरू की हुयी साधना रेगुलर चल सकती है कोई दिक्कत नही होती

उग्र साधना कभी भी किसी कारन से बीच मे नही छोडी जाती नही तो स्वंय की जान को खतरा होता है


स्त्री साधिका के मासिक धर्म के दौरान चार दिन साधना बन्द रखी जाती है

चार दिन बाद साधना रेगुलर रखी जाती है

इन सभी सूतको के दिनो मे साधक साधिका मेरे दिये गुरूमंत्र का मानसिक जाप कर सकते है

मानसिक जाप कभी भी खन्डित नही होता ना ही कभी अपवित्र होता है


ये कुछ बाते साधना के दौरान याद रखने योग्य है सभी साधक साधिका को ये नियम पता होने चाहिये


भैरव वीरेन्द्र रूद्रनाथ अघोरी

वैदिक तंत्र साधना संस्थान

8923400693

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