Saturday, October 17, 2026

महाकाली हवन विधि

 

महाकाली हवन विधि

तंत्र मे महाकाली सबसे अधिक प्रचलित देवी है ये कई रूपो मे पूजी जाती है जैसे महाकाली , काली ,  काली कलकत्ते वाली  , दिल्ली की कालिका ,  घोर रूपी कालिका , भद्रकाली , गुह काली , शमशान काली , आसमानी काली  , दक्षिण कालिका और ऐसे बहुत रूप है

 काली और भैरव सात्विक और तामसिक दोनो रूपो मे चलते है

काली का हवन इच्छा पूर्ति के लिये , रक्षा के लिये , रोग मुक्ति के लिये , भूतप्रेत बाधा निवारण के लिये , कार्य‌सिद्ध करने के लिये , स्थान शुद्ध करने के लिये , शत्रुनाश के लिये काली जी के हवन किये जाते है राजसिक कार्यो मे सफलता पाने के लिये भी किये जाते है

ये हवन चाहे तो पीडित के घर कर लें या जहॉ सुविधा लगे वहॉ कर लें 
काली, भैरव, गुरू, गनेश, इस्ट, का पूजन कर लें
पूजन मे नीबू की बलि जरूर दे नीबू की माला दें

काली चौकी स्थापित कर लें
इसमे कलश बिठाने की जरूरत नही पडती है 
काली हवन त्रिकोण कुंड मे सबसे अच्छा रहता है
योनिकुंड , चौकौर , षटकोण मे भी ये हवन किया जा सकता है

हवन सामग्री निम्न प्रकार रखें

सामान्य हवन की सामग्री

मार्केट से शुद्ध हवन सामग्री लेकर आये जो बारीक पिसी  हो 
फिर उसमे निम्न सामग्री मिला लें

 
एक किलो हवन सामग्री मे निम्न सामग्री मिलाये
जौ  250 ग्राम
गेहू 250 ग्राम
चावल 250 ग्राम
काले तिल डाई सौ ग्राम
इन्द्र जौ सौ ग्राम
जावित्री सौ  रूपये की
छबीला सौ रूपये
नागरमोथा पचास रूपये
चीनी 250 ग्राम
बूरा या  शक्कर एक किलो
दो सुपारी कूटकर
कमल गट्टा डाई सौ ग्राम 

पंचमेवा पंच मिठाई

21.41.51.108 जैसी श्रदा हो उतने नीबू के छोटे छोटे टुकडे करके सामग्री मे मिला लें 
ताजा अनार के दाने  

काली साबुत उडद डाई सौ ग्राम 

सभी सामग्री मे घी पिघला कर डाल दें और मिक्स कर दें
जो सामग्री बडी हो साबुत हो उसे काट ले या कूट लें फिर मिक्स करें

आम की लकडी का समिधा प्रयोग करें ,
अगर ये हवन तामसिक करें तो सामग्री मे सराब और मॉस मिला सकते है
या केवल सराब से ही हवन कर सकते है
या काली जी  का पूर्ण तामसिक विधि से हवन कर सकते है

सात्विक करो तो प्राथमिक देवो को आहुति देना तामसिक करो  तो केवल गुरू इष्ट काली भैरव रूद्र को आहुति देना

मंत्र

ॐ क्लीम कालिकायै नमः स्वाहा

ॐ क्रां क्रीं क्रूं कालिकायै दैव्ये नमः स्वाहा

किसी भी मंत्र से हवन कर सकते है और महाकाली के बहुत मंत्र है जिससे चाहो उससे हवन कर सकते है

पूर्ण आहुति गोले मे सामग्री भरकर दें

बाकी सब विधान अन्य हवनो की तरह हीहै

कुछ अन्य विशेष सामग्री


काली साबुत उडद और काले तिलो में सरसो का तेल मिलाकर सरसो के तेल से आहुति देते हुये शत्रु नाश , शत्रु स्तंभन , शत्रु को पीडित करने के लिये कर सकते है

चमेली के पुष्प शहद मे डुबोकर या घी मे डुबोकर उत्तर मुख होकर  हवन करने से धन प्राप्त होता है

चमेली के पुष्प , सफेद चंदन का चूरा , सफेद तिल , सहद के साथ लाजा मिलाकर हवन करने से अक्षय धनलाभ होता है


नीबू के टुकडे , हल्दी पाउडर , लाल मिर्च सूखी ,  काली मिर्च , साबुत नमक , सरसो का तेल मिलाकर शत्रु मारण के लिये हवन करने से इच्छा पूर्ण होती है

 
अन्त मे एक  नीबू मे 21 सूई चुबोकर शत्रु का नाम पता बताकर काली को बलि मे देदें  और हवन कुंड मे डाल दें इसके बाद पूर्ण आहुति दें

जहॉ तक हो सके काली की ऐसे स्वरूप की आराधना ना करें जिसमे काली के पैरो के नीचे शिवजी पडे हो हो सके तो इस तरह की मूर्ति या तस्वीर का पूजन बिलकुल भी ना करें
काली के ऐसे स्वरूप को लें जहॉ काली स्वतंत्र रूप से दिगम्बर स्वरूप मे खडी हो